???? ED की चार साल की जांच के बाद फाइनेंसर रामलाल की 11 करोड़ की संपत्ति कुर्क, शहर से लेकर गांव तक फैला संपत्ति नेटवर्क उजागर
चंडीगढ़, 24 फरवरी – न्यूज़लाईन एक्सप्रैस – प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में फाइनेंसर रामलाल से जुड़ी करीब 11 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। यह कार्रवाई लगभग चार वर्षों तक चली विस्तृत जांच के बाद की गई है।
ED के अनुसार, रामलाल के खिलाफ पहले 11 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े दो आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। इन्हीं मामलों के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। एजेंसी ने मामले में स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।
जांच में सामने आईं रामलाल से जुड़ी संपत्तियां
ED की जांच में रामलाल और उसके परिवार के नाम पर बड़ी संख्या में अचल संपत्तियां सामने आई हैं, जिनमें शामिल हैं—
मकान, कोठी और फ्लैट
सेक्टर-63 में टू-बीएचके फ्लैट
सेक्टर-47डी में मकान
सेक्टर-46ए में कोठी
सेक्टर-45ए में एमआईजी फ्लैट
जीरकपुर के आइवरी विलेज में फ्लैट
रामदरबार कॉलोनी में मकान नंबर 1248, 880, 1124, 1356 और 1234
इसके अलावा जांच में खेतीबाड़ी की जमीन भी सामने आई है—
खुड़ा अलीशेर में 7 कनाल 18 मरले
खरड़ में करीब 2420 गज (लगभग 4 कनाल)
तहसील बलाचौर, जिला नवांशहर (पंजाब) में 17 कनाल 15 मरले
ED का कहना है कि ये संपत्तियां अपराध से अर्जित धन से खरीदी गईं और इन्हें कुर्क कर लिया गया है। एजेंसी के अनुसार, यह केवल नामी संपत्तियां हैं, जबकि करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियों की जांच अभी जारी है।
बिना पंजीकरण और लाइसेंस के चल रहा था कारोबार
जांच में यह भी सामने आया कि रामलाल ‘चौधरी प्रॉपर्टीज’ के नाम से फाइनेंस और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था, लेकिन यह फर्म पंजीकृत नहीं थी। रामलाल के बेटे अमित कुमार ने भी बिना लाइसेंस फाइनेंस और अन्य व्यवसाय करने की बात स्वीकार की है।
ED के अनुसार, जांच के दौरान रामलाल के 10 बैंक खाते सामने आए, जिनमें कुल 4.21 करोड़ रुपये जमा पाए गए।
प्रवर्तन निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और संपत्तियों व लेन-देन पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
*Newsline Express*
