???? पंजाब में महिलाओं को हर माह सम्मान राशि देने की घोषणा
???? बैसाखी से शुरू होगी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
18 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को ₹1000, अनुसूचित वर्ग की महिलाओं को ₹1500
चंडीगढ़, 8 मार्च – अशोक वर्मा / न्यूज़लाईन एक्सप्रैस – पंजाब सरकार द्वारा महिलाओं के लिए शुरू की जा रही सम्मान राशि योजना के तहत अप्रैल में बैसाखी के अवसर पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होगी। योजना के तहत राज्य की 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को हर महीने ₹1000 सम्मान राशि देने का फैसला किया है, जबकि अनुसूचित वर्ग (SC) की महिलाओं को ₹1500 प्रति माह दिए जाएंगे।
सरकार के अनुसार योजना की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए राज्यभर में रजिस्ट्रेशन अभियान चलाया जाएगा।
सरकारी नौकरी करने वाली महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य उन महिलाओं को आर्थिक सहारा और सम्मान देना है।
सरकार का दावा है कि इस योजना से लाखों परिवारों को राहत मिलेगी और महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हालांकि योजना की घोषणा के साथ ही इस पर राजनीतिक और आर्थिक बहस भी तेज हो गई है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में महिलाएं इस योजना के दायरे में आती हैं तो सरकार को हर साल हजारों करोड़ रुपये का खर्च उठाना पड़ सकता है। इसके बावजूद सरकार इसे महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बता रही है।
क्या है योजना
▪ 18 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को ₹1000 प्रति माह
▪ अनुसूचित वर्ग (SC) की महिलाओं को ₹1500 प्रति माह
▪ राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी
▪ अप्रैल में बैसाखी से रजिस्ट्रेशन शुरू होने की संभावना
▪ सरकारी नौकरी करने वाली महिलाओं को योजना से बाहर रखा जाएगा।
Income tax (ज़ीरो) भरने वाली औरतों को भी लाभ मिलेगा
योजना के फायदे और चिंताएं
संभावित फायदे
▪ महिलाओं को आर्थिक सहारा और सम्मान
▪ गरीब परिवारों के घरेलू खर्च में मदद
▪ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने की उम्मीद
▪ स्थानीय बाजार और छोटे व्यापार को लाभ
संभावित चिंताएं
▪ सरकारी खजाने पर हजारों करोड़ रुपये का बोझ
▪ मुफ्त योजनाओं की बढ़ती प्रवृत्ति पर बहस
▪ विकास परियोजनाओं के बजट पर असर की आशंका
▪ राजनीतिक लाभ लेने के आरोप
विरोध की आवाज़
“आखिरी साल में घोषणा क्यों, पिछले सालों का पैसा भी मिले”
विपक्षी दलों और कई महिला संगठनों ने इस योजना पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि महिलाओं को सम्मान राशि देने का वादा पहले किया गया था, लेकिन इसे लागू करने में देरी हुई।
विरोधी दलों का आरोप है कि सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम दौर में इस योजना की घोषणा कर रही है, जो राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश प्रतीत होती है। उनका कहना है कि यदि सरकार सचमुच महिलाओं के हित में गंभीर है तो पिछले वर्षों का बकाया भी महिलाओं को दिया जाना चाहिए।
कई महिलाओं का भी कहना है कि चुनाव से पहले किए गए वादे समय पर पूरे नहीं किए गए। उनका मानना है कि सरकार को योजना लागू करने के साथ-साथ पहले किए गए वादों की भी भरपाई करनी चाहिए।
आगे क्या हो सकता है
▪ राज्य में लाखों महिलाओं के बैंक खाते योजना से जुड़ सकते हैं
▪ सरकार के बजट पर सालाना हजारों करोड़ रुपये का बोझ
▪ भविष्य में राशि बढ़ाने की मांग उठ सकती है
▪ अन्य राज्यों में भी ऐसी योजनाओं की मांग बढ़ सकती है
▪ महिला मतदाताओं पर राजनीतिक प्रभाव बढ़ने की संभावना
*Newsline Express*
