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???? तिरुपति बालाजी प्रसादम मामले में केंद्र का सुस्त रवायैया बर्दाश्त नहीं: विजय कपूर

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???? तिरुपति बालाजी प्रसादम मामले में केंद्र का सुस्त रवायैया बर्दाश्त नहीं: विजय कपूर

???? तिरुपति बालाजी के प्रसाद में पशु चर्बी युक्त मिलावटी घी का मामला गरमाया

पटियाला, 23 सितंबर – न्यूज़लाईन एक्सप्रैस – तिरुपति बालाजी मंदिर के पवित्र प्रसाद, ‘लड्डू प्रसादम’, में पशु चर्बी युक्त मिलावटी घी के इस्तेमाल को लेकर देशभर में हंगामा मच गया है। यह मामला हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं पर गहरी चोट के रूप में उभर रहा है। करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़े इस मामले ने न केवल धार्मिक जगत में हलचल मचाई है, बल्कि सियासी गलियारों में भी चर्चाओं को जन्म दिया है।

मंदिरों में चढ़ावे और प्रबंधन से जुड़े विवाद और उन्हें पारदर्शी तथा चुस्त बनाने की मांग कोई नई बात नहीं है, लेकिन तिरुपति बालाजी के लड्डुओं में पशु चर्बी की मिलावट जैसे गंभीर आरोप ने आस्था को गहरा झटका दिया है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) द्वारा बनाए जाने वाले लड्डुओं में मिलावटी घी का कथित उपयोग, जिसमें पशु चर्बी शामिल है, ने श्रद्धालुओं को आक्रोशित कर दिया है। हिंदू धर्म के अनुयायी इसे न केवल एक धार्मिक अपमान मान रहे हैं, बल्कि इसे उनके विश्वास और परंपराओं के खिलाफ एक साजिश भी करार दे रहे हैं।

इस गंभीर मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद, पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष विजय कपूर ने कहा, “तिरुपति बालाजी का लड्डू प्रसाद हिंदू समाज के लिए न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह पवित्रता का भी प्रतीक है। इसमें पशु चर्बी युक्त मिलावटी घी का उपयोग करना न केवल हमारी धार्मिक भावनाओं का अपमान है, बल्कि हिंदू धर्म की प्रतिष्ठा पर हमला है। यह बेहद निंदनीय और शर्मनाक है, और इसकी गहन जांच होनी चाहिए।”

विजय कपूर ने केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लिया और कहा, “ऐसे संवेदनशील धार्मिक मामलों पर केंद्र सरकार की उदासीनता और लापरवाही बेहद चिंता का विषय है। करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं और आस्थाओं से जुड़े इस गंभीर मामले में केंद्र सरकार का ढीला रवैया यह दिखाता है कि वे धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। ऐसे मामलों में त्वरित और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी श्रद्धालु की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे।”

उन्होंने आगे कहा, “यदि इस मामले में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो यह हिंदू समाज के खिलाफ एक बड़ी साजिश का हिस्सा साबित हो सकता है। हिंदू समाज अपनी आस्था के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा और अगर जल्द से जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो हम व्यापक जन आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होंगे।”

विजय कपूर ने यह भी बताया कि मंदिरों में चढ़ावे और प्रबंधन को पारदर्शी बनाने की मांग बहुत पुरानी है, लेकिन इस बार मामला और भी गंभीर है। तिरुपति बालाजी के प्रसाद में मिलावट करना न केवल धार्मिक अपराध है, बल्कि यह हिंदू समाज के धार्मिक अधिकारों पर हमला है। हिंदू समाज को इस प्रकार की साजिशों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि इस प्रकार के अपमानजनक कार्यों की पुनरावृत्ति न हो।

हिंदू समाज अब इस मुद्दे पर जवाब की प्रतीक्षा कर रहा है और त्वरित न्याय की मांग कर रहा है। श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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