कीमत घड़ी की नहीं होती,
कीमत होती है उसकी सुइयों की,
जो हर पल तुम्हें वक्त बताती हैं,
और समय पर चलना सिखाती हैं।
ये ही तुम्हारे काम बनाती हैं,
और जिंदगी को चमकाती हैं,
जैसे दिल धड़कता रहता है,
वैसे ही ये सुइयां चलती जाती हैं।
छोटा-बड़ा कोई नहीं इनमें,
हर एक की अपनी कीमत होती है,
कहे राजेश्वर, असली ताकत तो
उस सेल में छुपी होती है,
जो सबको साथ मिलाकर,
एक लय में आगे बढ़ाती है।
–लेखक – राजेश्वर कुमार–
(78374-29033)
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