कहाँ गई वो आपकी मोहब्बत,
कहाँ गया वो आपका प्यार,
बच्चे आज भी राह निहारें,
याद करें हर बार।
नन्हीं आँखें ढूँढ रही हैं,
चेहरा अपना प्यारा सा,
कब आओगे पापा जी,
मन पूछे हर बार।
जल्दी आना पापा जी,
घर आँगन सूना लगता है,
आपके बिना हर त्योहार,
कुछ अधूरा सा लगता है।
मम्मी कहती फादर डे पर,
सब मिलकर खुशियाँ मनाएँगे,
पापा जी जब घर आएँगे,
हँसते-गाते गीत सुनाएँगे।
खिलौने भी फिर आएँगे,
सपने सारे सज जाएँगे,
आपके आने की खुशी में,
फादर डे हम मनाएँगे।
कहे राजेश्वर दिल से आज,
बस इतनी सी अरदास,
सदा सलामत रहें पापा जी,
बना रहे उनका आशीर्वाद।
लेखक – राजेश्वर कुमार
7837429033
