मेरे जीवन की चाह है तू मां,
तेरे दिल की धड़कन हूँ मैं मां,
तेरे सांसो की सांस हूं मैं मां,
तेरे नैनो की ज्योति हूं मैं मां,
इस जोती को जगा कर रखना तू मां,
सदा जिंदगी तेरी सवारू मैं मां,
तेरे दिल में घर बना लू में मां,
मेरी ममता की प्यारी प्यारी तू मां,
मुझे सीने लगा कर रखना तू मां,
छाया अपनी में बिठा कर रखना तू मां, मुझे आंचल में छुपा कर रखना तू मां,
मेरी जग जननी प्यारी तू मां,
तूने दुनिया मुझे दिखाई है मां,
पापा का कर्ज कैसे चुकाऊगा मैं मां, मेरी ममता की प्यारी-प्यारी तू मां,
जग की राज दुलारी न्यारी तू मां,
तू दुर्गा, लक्ष्मी सरस्वती, निर्मल गंगा,
जमुना का स्वरूप है तू मां,
चरणों में अपने लगा कर रखना तू मां, तूने मुझे शिक्षा सिखाई है मां,
राजेश्वर की कलम सदा चलाई तू मां,
चढ़ती कला की मंजिल दिखाई तू मां।
लेखक राजेश्वर कुमार
7837429033
